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शà¥à¤—र के मरीजों के लिठ7 बेसà¥à¤Ÿ डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ फà¥à¤°à¥‚टà¥à¤¸
शà¥à¤—र में डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ फà¥à¤°à¥‚टà¥à¤¸ फायदेमंद होते हैं, ये तो आप जान गà¤, लेकिन कौन सा डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ फà¥à¤°à¥‚ट खाना चाहिà¤, यह जानना à¤à¥€ जरूरी है। हालाà¤à¤•ि, इस समय सही डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ फà¥à¤°à¥‚टà¥à¤¸ का चयन करना आसान नहीं होता है। à¤à¤¸à¥‡ में यहां हम शà¥à¤—र के मरीजों के लिठबेसà¥à¤Ÿ डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ फà¥à¤°à¥‚टà¥à¤¸ के बारे में बता रहे हैं। मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ रोगियों के खाने के लिठसूखे मेवों की सूची कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार है:
1. बादाम
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ रोगियों के खाने के लिठसूखे मेवों की सूची में सबसे पहला नाम बादाम का आता है। बादाम, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और फाइबर का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है, जो मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ रोगियों के लिठफायदेमंद हो सकता है। पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ धीरे-धीरे पचता है, जिससे कि गà¥à¤²à¥‚कोज़ का अवशोषण धीमा हो सकता है।
फाइबर पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को बेहतर करने का काम कर सकता है। बता दें बादाम मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ की जटिलताओं जैसे - वजन बà¥à¤¨à¤¾ या हृदय रोग के जोखिम को à¤à¥€ कम कर सकता है। वहीं, वजन कम होने पर शà¥à¤—र लेवल को मैनेज करने में मदद मिल सकती है।
कितना खाà¤à¤‚:
डायबिटीज में दिनà¤à¤° में 4-5 बादाम खा सकते हैं।
2. अखरोट
शà¥à¤—र के मरीजों के लिठबेसà¥à¤Ÿ डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ फà¥à¤°à¥‚टà¥à¤¸ में से à¤à¤• नाम अखरोट à¤à¥€ है। बादाम की तरह अखरोट à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, हेलà¥à¤¦à¥€ फैटà¥à¤¸ और फाइबर से समृदà¥à¤§ होते हैं, जो बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र को अचानक बà¥à¤¨à¥‡ से रोक सकते हैं। साथ ही इसमें कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤¯à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ कम होता है।
अखरोट में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट की अचà¥à¤›à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ होती है, जो ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ से बचाव या उसे कम कर सकता है। बता दें कि ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ के कारण डायबिटीज की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। इतना ही नहीं, मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ में कई अनà¥à¤¯ जटिलताओं का à¤à¥€ कारण बन सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ को कम कर मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ में होने वाली जटिलताओं से बचाव हो सकता है।
कितना खाà¤à¤‚:
डायबिटीज में दिनà¤à¤° में 1 से 2 अखरोट का सेवन कर सकते हैं।
3. पिसà¥à¤¤à¤¾
शà¥à¤—र फà¥à¤°à¥€ डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ फà¥à¤°à¥‚टà¥à¤¸ लिसà¥à¤Ÿ में पिसà¥à¤¤à¤¾ का नाम à¤à¥€ शामिल है। वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• रिसरà¥à¤š की मानें, तो पिसà¥à¤¤à¤¾ में फेनोलिक कंपाउंड और मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की अचà¥à¤›à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ होती है, जो à¤à¤‚टी-गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ कर सकता है। इससे रकà¥à¤¤ में शà¥à¤—र के सà¥à¤¤à¤° को कम करने में मदद मिल सकती है।
साथ ही पिसà¥à¤¤à¤¾ में à¤à¤‚टी डायबिटिक, à¤à¤‚टी ओबीस और à¤à¤‚टी इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ गà¥à¤£ होते हैं। ये गà¥à¤£ डायबिटीज की समसà¥à¤¯à¤¾ से राहत दिलाने के साथ-साथ मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ में वजन बà¥à¤¨à¥‡ के जोखिम को à¤à¥€ कम कर सकता है। साथ इसका इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ रेजिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚स पर सकारातà¥à¤®à¤• असर देखा जा सकता है, जिससे कि मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ से कà¥à¤› हद तक राहत मिल सकती है।
कितना खाà¤à¤‚:
डायबिटीज में दिनà¤à¤° में 3 पिसà¥à¤¤à¤¾ का सेवन कर सकते हैं।
4. किशमिश
शà¥à¤—र रोगी के लिठसूखे मेवे फायदेमंद हो सकते हैं। किशमिश मधà¥à¤¯à¤® गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥à¤¸ वाला खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ है, जिससे कि यह शà¥à¤—र लेवल को बà¥à¤¾à¤¤à¤¾ नहीं है। साथ ही किसमिश में पोटैशियम की अचà¥à¤›à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ होती है, जो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रखने का काम कर सकता है। इससे हृदय सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ बेहतर हो सकता है, जो डायबिटीज की जटिलताओं को कम कर सकता है। साथ ही यह तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° और मांसपेशियों को मजबूत कर सकता है।
वहीं, इसमें मौजूद कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® डायबिटीज में हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने में सहायक हो सकता है। साथ ही किशमिश में मौजूद फाइबर न सिरà¥à¤« पाचन सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को बेहतर कर सकता है, बलà¥à¤•ि वजन संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ रखने में à¤à¥€ सहायक हो सकता है। हालांकि, किशमिश का सेवन सीमित मातà¥à¤°à¤¾ में ही करना बेहतर है।
कितना खाà¤à¤‚:
डायबिटीज में दिनà¤à¤° में à¤à¤• छोटा चमà¥à¤®à¤š किशमिश खा सकते हैं।
5. काजू
शà¥à¤—र फà¥à¤°à¥€ डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ फà¥à¤°à¥‚टà¥à¤¸ में से à¤à¤• काजू à¤à¥€ है। काजू में कई तरह के पोषक ततà¥à¤µ होते हैं, जो मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से राहत दिलाने का काम कर सकते हैं। इसमें मौजूद मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® गà¥à¤²à¥‚कोज सà¥à¤¤à¤° को सà¥à¤Ÿà¥ˆà¤¬à¤²à¤¾à¤‡à¤œ कर सकता है, जिससे कि बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया जा सकता है।
काजू में फाइबर की à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ होता है, जो लंबे समय तक à¤à¥‚ख को शांत रख सकता है। इससे ओवरईट करने से बचा जा सकता है और मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ में वजन को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ रखा जा सकता है। साथ ही यह हानिकारक कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² (LDL) को कम कर अचà¥à¤›à¥‡ कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² (HDL) के सà¥à¤¤à¤° को बà¥à¤¾ सकता है।
काजू का सेवन हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को à¤à¥€ कम करने में सहायक हो सकता है। बता दें कि डायबिटीज के मरीजों में हाई बीपी और हà¥à¤°à¤¦à¤¯ रोग का जोखिम बना रहता है।
कितना खाà¤à¤‚:
डायबिटीज में दिनà¤à¤° में 6 से 8 काजू का सेवन कर सकते हैं।
6. खजूर
अगर आप सोच रहे हैं कि शà¥à¤—र में कौन सा डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ फà¥à¤°à¥‚ट खाना चाहिà¤, तो हम आपको खजूर खाने की सलाह दे सकते हैं। खजूर सà¥à¤µà¤¾à¤¦ में मीठा जरूर होता है, पर इसमें मौजूद जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° शà¥à¤—र फà¥à¤°à¥à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¥› होता है, जो शà¥à¤—र लेवल को नहीं बà¥à¤¾à¤¤à¤¾ है। साथ ही शरीर को पारà¥à¤¯à¤ªà¥à¤¤ ऊरà¥à¤œà¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर सकता है, जिससे कि डायबिटीज के दौरान होने वाली कमजोरी से बचा जा सकता है। इसका गà¥à¤²à¤¿à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥à¤¸ à¤à¥€ कम होता है।
वहीं, इसमें मौजूद फाइबर की वजह से शरीर में शà¥à¤—र अवशोषण की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ धीमी हो सकती है, जिस कारण यह मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ मरीजों के लिठडà¥à¤°à¤¾à¤ˆ फà¥à¤°à¥‚ट का अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª हो सकता है। हालांकि, इसका सीमित मातà¥à¤°à¤¾ में सेवन करने से ही डायबिटीज में इसके फायदे पाठजा सकते हैं।
कितना खाà¤à¤‚:
डायबिटीज में दिनà¤à¤° में 2 से 3 खजूर खा सकते हैं।
7. सूखी खà¥à¤¬à¤¾à¤¨à¥€
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ रोगियों के खाने के लिठसूखे मेवों की सूची में सूखे खà¥à¤¬à¤¾à¤¨à¥€ à¤à¥€ शामिल है। सूखी खà¥à¤¬à¤¾à¤¨à¥€ खाने से शà¥à¤—र लेवल को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रखने में मदद मिल सकती है। इसमें कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ यौगिक होते हैं, जो हाइपोगà¥à¤²à¤¿à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ (hypoglycemic) यानी शà¥à¤—र सà¥à¤¤à¤° को कम करने के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ करते हैं। साथ ही इसमें कई तरह के पोषक ततà¥à¤µ जैसे - कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, विटामिन à¤, विटामिन सी, आयरन होते हैं, जो डायबिटीज के मरीजों के लिठलाà¤à¤•ारी हो सकते हैं।
कितना खाà¤à¤‚:
डायबिटीज में दिनà¤à¤° में 2 से 3 सूखी खà¥à¤¬à¤¾à¤¨à¥€ का सेवन कर सकता है।
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